राज्य
05-May-2026


:: आपदा प्रबंधन में संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश ने पेश किया देश में अनुकरणीय मॉडल :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। आपदा और आपात स्थितियों के दौरान महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों जैसे संवेदनशील वर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक सहायता प्रदान करने की दिशा में मध्यप्रदेश ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य आपदा आपात प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) और यूएन वूमेन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श में एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का विमोचन किया गया। होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने इस एसओपी को जारी करते हुए निर्देश दिए कि राहत-बचाव कार्यों, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल में इन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। एसडीईआरएफ और यूएन वूमेन के बीच हुए एमओयू के तहत आयोजित इस परामर्श में मध्यप्रदेश के सभी संभागों के अलावा उत्तराखंड, बिहार और भारतीय सेना के अधिकारियों ने भी शिरकत की। यूएन वूमेन इंडिया की प्रतिनिधि सान्या सेठ ने प्रदेश की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक मॉडल बन सकता है। उत्तराखंड एसडीआरएफ की महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बचाव कार्यों में व्यावसायिक दक्षता के साथ मानवीय दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया। परामर्श के दौरान यूएनडीपी, यूनिसेफ और डीएमआई के विशेषज्ञों ने आपदा प्रबंधन में बहु-विभागीय समन्वय की आवश्यकता बताई। विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष एसओपी होने से आपदा के समय सबसे अधिक प्रभावित होने वाले वर्गों को त्वरित और गरिमापूर्ण सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी। कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, भारतीय सेना के ब्रिगेडियर शरद नायर और होमगार्ड के उप महानिरीक्षक मनीष कुमार अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रकाश/05 मई 2026