क्षेत्रीय
17-May-2026


11 एमएलडी लाइन में लीकेज से दो दिन से सूखे नल, टैंकर की भी नहीं मिल रही पर्याप्त मदद छिंदवाड़ा (ईएमएस)।। शहर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। नगर निगम भले ही वार्डों में पर्याप्त जलापूर्ति के दावे कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। सबसे खराब हालात वार्ड क्रमांक 13 के हैं, जहां 11 एमएलडी लाइन में लीकेज के चलते पिछले दो दिनों से नलों में पानी नहीं पहुंचा। इससे पूरे वार्ड में हाहाकार मच गया और लोगों की परेशानी चरम पर पहुंच गई। वार्डवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। हालत यह है कि पेयजल संकट से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए समय पर टैंकर तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे है। पानी के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ा, लेकिन निगम प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोता रहा है। रविवार को आक्रोशित वार्डवासियों ने अपनी पीड़ा निगम अध्यक्ष धमेन्द्र सोनू मांगो के सामने रखी। शिकायत सुनते ही उन्होंने तत्काल निगम अधिकारियों को निर्देश देकर टैंकर बुलवाया और वार्ड में पेयजल आपूर्ति कराई। कई दिनों से चरमराई है पेयजल आपूर्ति निगम अध्यक्ष धमेन्द्र सोनू मांगो ने निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वार्ड में पिछले कई दिनों से पेयजल आपूर्ति चरमराई हुई है। कई बार शिकायत और आंदोलन के बाद भी निगम कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। पिछले दिनों भी कांग्रेस द्वारा पेयजल समस्या को लेकर आंदोलन करते हुए निगम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। जब आयुक्त ने समस्या निराकरण के लिए ७ दिनों का समय मांगा था लेकिन आज तक समस्या का ेसमाधान होना तो दूर की बात पेयजल समस्या और अधिक बढ़ गई है। वार्ड वासी पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे है। लेकिन इसके बाद भी उन्हे पर्याप्त पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस निगम कार्यालय के सामने उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। कभी मोटर खराब, तो कभी लीकेज शहर की पेयजल व्यवस्था इन दिनों बदइंतजामी की भेंट चढ़ गई है। भरतादेव जलप्रदाय प्लांट की 11 एमएलडी लाइन में बार-बार लीकेज और बार-बार मोटर खराब होने से शहरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। पिछले दो महीनों से यही सिलसिला जारी है । कभी मोटर बंद पड़ जाती है तो कभी पाइप लाइन लीकेज हो जाती है, लेकिन नगर निगम अब तक इसका स्थायी समाधान तलाशने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। हालात यह हैं कि निगम की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। ाई गुड़ाई भी नहीं कराई गई हैं। सम्पूर्ण पार्क में सुरक्षा के लिए न तो चौकीदार रखा गया और न ही किसी तरह का कोई बोर्ड लगाया गया है। इससे पार्क चारों ओर से अव्यवस्थित नजर आ रहा है। ईएमएस/मोहने/ 17 मई 2026