परिश्रम और खेल कूद में भाग लेंगे तो आप स्वस्थ रहेंगे और साथ ही आप अपने रोज के सभी कार्य सक्रिय रूप से कर पाएंगे। हम मनुष्य को मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार से स्वस्थ रहना बहुत ही आवश्यक होता है जिसमें खेल कूद बहुत अहम भूमिका निभाते है।खेल-कूद से हमारे मन का तनाव दूर होता है और इससे मन और शरीर को शांति मिलती है। कभी-कभी यही खेल कूद जीवन के मुश्किल समय में शरीर को शक्ति देता है। खेल-कूद शरीर में रक्त संचरण को सही रखता है।नियमित रूप से खेलकूद में भाग लेने वाले लोग समय के महत्व को सही रूप में समझ पाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि खेलकूद प्रतियोगिताओं में हर एक मिनट और सेकेंड का बहुत मूल्य होता है जिसके कारण जीवन में भी समय के मूल्य को वह समझ पाते हैं।खेलकूद बच्चों के साथ-साथ बड़ो के लिए भी जरूरी है। यह अपने हर दिन के ऑफिस के कामों के बादपरिवार के साथ समय बिताने के लिए अच्छा है। बढ़ते बच्चों के लिए खेल में भाग लेना बहुत अच्छा होता है क्योंकि इससे उनका विकास और बेहतर तरीके से होता है।सामान्य अर्थ में खेल कूद एक प्रतिस्पर्धात्मक और प्रशिक्षित शारीरिक गतिविधि का नाम है जो हमें तनावों, चिंताओं एवं अनेक परेशनियों से मुक्त कर जिंदगी भर स्वस्थ्य बनाएं रखता है दूसरे शब्दों में कहे तो खेल से आप आजीवन फिट रह सकते है क्योंकि खेल ही है जो हरेक प्रकार के शारीरिक, सामाजिक, मानसिक, बौद्धिक, और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य गुणों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान करता है खेल कूद मानव जीवन के लिए एक वरदान है जो उसे स्वस्थ्य रखने के लिए उपहार स्वरूप मिली है खेल में भाग लेने से सबसे पहला लाभ स्वास्थ्य ही है क्योंकि खेल का मैदान वह स्थान है जो स्वास्थ्य पर एक स्थायी छाप छोड़ता है यह शरीर का एक ऐसा ढ़ाचा तैयार करता है जो चुस्त फुर्तीला और बलिष्ठ होता है खेल शरीर को स्वस्थ और स्फूर्तिमय बनाये रखता है खेल कूद के दौरान शरीर के लगभग सभी अंगों का व्यायाम हो जाता है, शारीरिक व्यायाम को विभिन्न कारणों से किया जाता है जिसमें मांसपेशियों और हृदयतंत्री प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, एथलीटिक कौशल को बढ़ाना, वजन घटाना या उसे बनाए रखना तथा मनोरंजन आदि शामिल हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम आवश्यक है। यदि किशोर शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं तो उनके बीमार होने का जोखिम बहुत है।बार बार और नियमित रूप से किया गया व्यायाम प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है और हृदय रोग, हृदयतंत्री रोग टाइप टू का मधुमेह तथा मोटापे जैसी जीवन शैली से संबंधित बीमारियों की रोकथाम में सहायता करता है। शरीर की मांसपेशिया सुदृढ़ बनती है और काया निरोगी रहती है एक प्राचीन कहावत है “पहला सुख निरोगी काया” सत्य ही है कि निरोग शरीर जीवन का सर्वश्रेष्ठ सुख है जब शरीर स्वस्थ्य होगा तो मनुष्य अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन और जीवन के सुखों का आनन्द उठा सकता है लेकिन आजीवन स्वास्थ्य सुखों का लाभ पाने के लिए शारीरिक क्षमताओं का विकास होना जरुरी होता है जो खेल के मैदान में सरलता से विकसित हो जाता है खेल का जीवन में समर्पण की भावना विकसित करने में मूल्यवान भूमिका होती है खेल के मैदान में खिलाड़ी निष्पक्षता, न्याय और हार दृ जीत दोनों को समान रूप से ग्रहण करता है अपने प्रतिद्वंदी के प्रति सहज भाव रखता है वह जानता है कि खेल में कभी जीत होती है, तो कभी हार होती है वह अपने प्रतिद्वंदी के बढ़िया खेल की खुलकर सराहना करता है, उसकी जीत पर मुक्त कंठ से बधाई देता है और द्वेष की भावना को पास तक नहीं भटकने देता उसके जीवन में ये सब गुण खेलों से ही तो आते है कहा जाता है कि जीवन में सफलता हासिल करनी हो तो अनुशासन रूपी कुंजी साथ में जरुर होनी चाहिए और जो खेल के मैदान में तेजी से फलता फूलता है अनुशासन जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है राष्ट्रीय और सामाजिक जीवन में अनुशासन के महत्व का पाठ खेलों के मैदान में सरलता से सीखा जा सकता है खेलों के द्वारा जीवन में पारस्परिक सम्मान के सद्गुण का विकास होता है खेलों के खिलाडियों से ये अपेक्षा की जाती है कि वे एक दूसरे खिलाडियों का सम्मान करे सम्मान पाने का उपाय भी यही है कि दूसरों का सम्मान करो खेलों में जब खिलाडी अपने साथी खिलाडी को सम्मान नहीं देते है तो उन्हें आदर्श खिलाड़ी नहीं कहा जाता इसलिए प्रत्येक श्रेष्ठ खिलाड़ी अपने साथी खिलाड़ियों का सम्मान करता है जिससे उनमें पारस्परिक सम्मान के गुणों का विकास होता है खेलों से ‘टीम स्प्रिट’ का विकास होता है ‘टीम स्प्रिट’ का मतलब हर उस खिलाड़ी से है जो अपने पृथक दृ पृथक व्यक्तित्व को टीम के व्यक्तित्व में विलीन कर दे इसमें टीम का हर खिलाड़ी सम्पूर्ण टीम के लिए खेलता है केवल अपने लिए नहीं यह ‘टीम स्प्रिट’ की भावना जो वह खेलों के द्वारा अपने अंदर विकसित करता है तो यही उसके व्यावहारिक जीवन की समस्याओं का समाधान करने में अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होता है खेलकूद में शारीरिक व्यायाम भी महत्वपूर्ण है शारीरिक व्यायाम एक ऐसी गतिविधि है जो शारीरिक निरोगता अथवा समग्र स्वास्थ्य को बढ़ाती है या बनाए रखती है। खेल देश की प्रगति के लिए भी बहुत जरूरी है जो ओलोंपिक में किसी खेल में ज्यादा मेडेल लाता है उसे दुनिया उतना ही अधिक शक्तिशाली मानती है महान क्रिकेटर श्री सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में देश को वह गौरव प्रदान किया कि देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया आजकल क्रिकेट में भारत में आईपीएल लीग मैच चल रहा है और जब सारे चैनलों पर युद्ध की दर्दनाक कहानी सुनकर रातों की नींद हराम हो जाती है क्योंकि यह साफ हो गया कि दो राष्ट्र ईरान और अमेरिका इजराइल के बिच हुए युद्ध में हर जगह तबाही का मंजर दिख रहा है और अभी सीज़फायर तो है लेकिन हार्मोज पर संकट गहराता जा रहा है और अभी भारत के जहाज पर आई आर जी सी द्वारा हुए हमले में भारत ने अपना कड़ा रुख अपनाया है इसलिए यूएई से कई क्षेत्र में अच्छा डील किया है और भारत में आयोजित ब्रिक्स सम्मलेन में ईरान की इस हेतु निंदा की है जो यह दिखाता है कि भारत किसी के बहकावे में नहीं आने वाला वह किसी भी देश को अपनी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शो पर चलने वाला देश है मानवता की रक्षा करना ही उसका उद्देश्य है अतः इसपर वो किसी को समर्थन नहीं कर रहा है , पूर्व प्रधान मंत्री स्व अटलजी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत बड़ा कदम 1998 में बिना किसी के डर के एक के बाद एक पांच परमाणु परीक्षण कर दिया और सारे देश दंग रह गए और इस अवसर पर 11मई को हर साल नेशनल टेक्नोलॉजी डे का ऐलान भी किया और जय जवान, जय किसान,के साथ जय विज्ञान का नारा भी दे दिया कुछ समय और सरकार चलती तो आज देश जरूर पुरी तरह देश के वैज्ञानिकों के बल पर आत्मनिर्भर हो जाता है उसके बाद 2004 के चुनाव में जब युपीए का शासन आया जब की बहुमत भी नहीं मिला लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी के सपोर्ट से किसी तरह सरकार चलती रही व 26/11/2008 की आंतकवादी हमले ने देश की गरिमा को ठेस पहुंचाई चंद पाकिस्तान के सपोर्ट से आंतकवादी हमले ने कई निर्दोष नागरिकों की बड़ी बेहरमी से हत्या कर दी और आश्चर्य तो तब हुआ जब पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री व भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह ने 2011 के भारत के साथ पाकिस्तान के खिलाफ मोहाली में सेमिफाइनल मैच का आनंद लेकर बिरयानी खा रहे थे ऐ देश के लिए बहुत ही शर्मिंदा जैसी घटनाएं हैं मैच भारत ने अवश्य जिता लेकिन मानवता हार गई क्योंकि आपने एक ऐसे देश के प्रधानमंत्री को मेहमाननवाजी की जिसके आंतकवादी संगठन ने देश को गुमराह किया उस समय पूर्व विदेश मंत्री स्व प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तान को इस हमले की कई डोसियस सौंपे थे आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने पुलवामा में सीआरपीएफ के गाड़ी के हमले के बाद उसके घर में ही मारा दो सर्जिकल स्ट्राइक ने उसकी निंव को हिला दिया और जब पहगांव में 26 निर्दोष नागरिक की आतंकवादी ने हत्या कर दि तो भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उसके कई आतंकवादी शिविर को मिट्टी में मिला दिया आज पाकिस्तान की ईरान से बढ़ती नजदीकी भारत के लिए खतरा है गाली पाकिस्तान से दब जाएंगे तो देश का क्या हाल होगा कारगील युद्ध में भी अटल बिहारी वाजपेई की सरकार ने उसे उतनी ऊंचाई से भी बहुत पिछे खदेर दिया व भारत के एक एक इंच जमीन के लिए कौरवों को हराकर देश को आत्मनिर्भर बनाने की पुरी कोशिश है और आज मोदी सरकार के फैसलों ने तो रुस और अमेरिका दोनों हैरान हो गए लेकिन शायद कोई भी देश कितना मजबूत ही कर्मों न हो भारत के उपर आंख उठाकर भी नहीं देख सकता क्योंकि सबको मालूम है कि अभी मोदी सरकार है जो देश की रक्षा के लिए कोई भी खतरनाक कदम उठा सकती है। खेल चाहे किसी स्टेडियम में आईपीएल का मैच हो या जंग के मैदान में खुशी खेल खेला जाए अपने मिट्टी के लिए सब मिलकर अपने देश के लिए मर मिटने के लिए तैयार हों यह देश की शान का प्रश्न है भारत के लोगों में देशभक्ति का जज्बा है अमेरिका अब ईरान से डर कर कोई औपचारिक रूप से लड़ाई न लड़ पा रहा है क्योंकि उसे रुस की ताकत का एहसास है वो सिर्फ ईरान को बली का बकरा बनाकर रसियन के हथियारों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहा है और विजेता बनने के चक्कर में के ईरान के निर्दोष नागरिक को मरवा रहा है खैर खेल जो भी हो वह देशप्रेम की भावना से खेलना चाहिए क्योंकि आपका एक दिन मरना तय है लेकिन जो देश की रक्षा के लिए शहीद हो जातें हैं उसे लोग देश का गौरव मानते हैं उसे लोग सदियों तक याद करते हैं जिस अमेरिका ने जापान पर द्वितीय युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम गिराए और लाखों लोगों की मौत हो गई वह हारता देख पुनः क़ोई भी कदम ईरान के खिलाफ उठा सकता है इसलिए इस युद्ध को आपसी सहमति से टाला जाए। (यह लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है) .../ 18 मई /2026