- उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति को मजबूत करने का लक्ष्य नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी जीई एयरोस्पेस ने भारत में अपनी विनिर्माण क्षमता और उपस्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से पुणे स्थित अपने संयंत्र में 100 करोड़ रुपये के नए निवेश की घोषणा की है। इस ताजा निवेश के साथ, पिछले तीन वर्षों में वाणिज्यिक विमान इंजनों के महत्वपूर्ण घटक बनाने वाले इस संयंत्र में कंपनी का कुल निवेश 510 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा, जो देश में मेक इन इंडिया पहल के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कंपनी ने सोमवार को जारी एक बयान में बताया कि यह 100 करोड़ रुपये नई वेल्डिंग प्रौद्योगिकियों, उन्नत निरीक्षण उपकरणों, सटीक औजारों, गेज, फिक्स्चर और अतिरिक्त अवसंरचना उन्नयन पर खर्च किए जाएंगे। इसका प्राथमिक उद्देश्य उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना, प्रक्रियाओं की सटीकता में सुधार लाना और वैश्विक ग्राहकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले घटकों की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करना है। जीई एयरोस्पेस के अनुसार यह नवीनतम निवेश पिछले दो वर्षों में घोषित 410 करोड़ रुपये के निवेश का पूरक है, जिससे पुणे संयंत्र में तीन साल का कुल निवेश 510 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। पुणे विनिर्माण संयंत्र के एक अधिकारी ने इस कदम को भारत में विनिर्माण के प्रति कंपनी की मजबूत प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने कहा कि हम कौशल विकास पर भी काम कर रहे हैं, जो भारत में वैमानिकी उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बनेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी आपूर्तिकर्ताओं और कौशल विकास के माध्यम से भारत में वैमानिकी उद्योग के लिए सरकार के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। पुणे संयंत्र के पास स्थानीय स्तर पर 300 से अधिक आपूर्तिकर्ता हैं, जबकि भारत में जीई एयरोस्पेस के कुल आपूर्तिकर्ताओं का नेटवर्क 2,200 से अधिक है। 2015 से अब तक, इस संयंत्र ने 5,000 से अधिक उत्पादन सहयोगियों को प्रशिक्षित किया है, जिससे देश में वैमानिकी विनिर्माण प्रतिभा का एक मजबूत आधार तैयार हुआ है। बेंगलुरु में जीई एयरोस्पेस का एक प्रौद्योगिकी केंद्र भी कार्यरत है। सतीश मोरे/18मई ---