व्यापार
18-May-2026


- हुगली में 14 मिलें बंदी की कगार पर, 75,000 श्रमिक प्रभावित कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल का पटसन उद्योग कच्चे पटसन की भारी कमी और कीमतों में बेतहाशा उछाल के कारण गहरे संकट में है। इस स्थिति ने बड़े पैमाने पर मिल बंद होने और हजारों श्रमिकों के बेरोजगार होने की आशंका पैदा कर दी है, जिसके चलते उद्योग ने राज्य में नवगठित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (आईजेएमए) के अनुसार हुगली औद्योगिक क्षेत्र में कम से कम 14 मिलें या तो बंद हो गई हैं या कच्चे पटसन की कमी और अव्यवहार्य लागत के कारण गंभीर उत्पादन बाधा का सामना कर रही हैं। इससे उत्तर 24 परगना और हुगली जिलों सहित आसपास के क्षेत्रों में अनुमानित 75,000 श्रमिक पहले ही अनैच्छिक बेरोजगारी का शिकार हो चुके हैं। जूट बेलर्स एसोसिएशन (जेबीए) की 17,100 रुपये प्रति क्विंटल की उच्च दरें और व्यापार पर प्रतिबंध ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। उद्योग प्रतिनिधियों का आरोप है कि यह संकट केवल मौसमी कमी नहीं, बल्कि लंबे समय से जारी सट्टा भंडारण, विकृत बाजार परिस्थितियों एवं प्रशासनिक निष्क्रियता का परिणाम है। शून्य-भंडार आदेश को भी एक दोधारी तलवार बताया गया है, जो मिलों और आपूर्तिकर्ताओं दोनों को प्रभावित कर रहा है। मिल मालिकों ने नई सरकार से शेष भंडार जारी करने, आपातकालीन आयात की अनुमति देने और उद्योग के लिए व्यवहार्य मूल्य दायरा बहाल करने का आग्रह किया है। उन्होंने शून्य-भंडार आदेश को वापस लेने या उसकी समयसीमा बढ़ाने की भी मांग की है ताकि उपलब्ध कच्चा पटसन बाजार में आ सके। पटसन क्षेत्र में लगभग दो लाख श्रमिक कार्यरत हैं, और उद्योग को डबल इंजन सरकार से स्थिरता और सहयोग की उम्मीद है। सतीश मोरे/18मई ---