19-May-2026
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:: स्टेट प्रेस क्लब के रूबरू कार्यक्रम में फिल्म की टीम ने साझा किए अनुभव; 99% कलाकार इंदौर के :: इंदौर (ईएमएस)। बैलेंस एक भावनात्मक पारिवारिक कहानी है, जिसकी पृष्ठभूमि इंदौर शहर है। यह फिल्म एक मध्यमवर्गीय परिवार के जीवन और आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में आने वाले बदलावों के बीच उनके संघर्ष को जीवंत करती है। यह विचार स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के रूबरू कार्यक्रम में फिल्म बैलेंस की टीम ने व्यक्त किए। प्रेस क्लब के मंच पर फिल्म की निर्माता रुचिता मेहता, निर्देशक प्रवेश व्यास और मुख्य कलाकार रोहिताश्व गौर ने फिल्म से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। इस अवसर पर फिल्म के अभिनेता राघव श्रीवास्तव, अभिनेत्री पूजा चौधरी एवं मीनल शर्मा भी उपस्थित थे। निर्माता रुचिता मेहता ने बताया कि फिल्म की शूटिंग 3 मई से शुरू हुई है, जिसे 26 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्य अभिनेता रोहिताश्व गौर 20 मई तक अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर लेंगे। फिल्म का प्रदर्शन दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है। :: कैमरे के लेंस से इंदौर की स्वच्छता को देंगे हॉलीवुड जैसी भव्यता :: लेखक-निर्देशक प्रवेश व्यास इस फिल्म में सिनेमैटोग्राफर, संगीत निर्देशक और एडिटर की भी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग एरी एलेक्सा मिनी एफएल कैमरे से की जा रही है, जिसका उपयोग बाहुबली, पठान, एनिमल जैसी भारतीय फिल्मों के अलावा ड्यून और मिशन इम्पॉसिबल जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में हो चुका है। निर्देशक का लक्ष्य इंदौर की साफ-सुथरी और सकारात्मक छवि को पर्दे पर उतारना है, जिसके लिए विशेष रूप से अंडर-कंस्ट्रक्शन इलाकों से बचकर आकर्षक लोकेशन्स चुनी गई हैं। फिल्म के 99 प्रतिशत कलाकार इंदौर के ही हैं, जिनमें श्रीराम जोग, शैलेन्द्र शर्मा और डॉ. ऋषिना नाटू प्रमुख हैं। वहीं, तपन शर्मा ने एक्टर्स कोच के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। :: पारिवारिक संघर्षों के आईने में जीवन मूल्यों की खोज :: निर्देशक प्रवेश व्यास ने कहा कि फिल्म का मूल विषय युवा पीढ़ी पर पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव को समझना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भौतिक सुख ही सफलता का पैमाना बन गया है। मुख्य अभिनेता रोहिताश्व गौर ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि बैलेंस पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी और परिवारों के भावनात्मक संघर्ष को बेहद संवेदनशीलता से दिखाती है। यह फिल्म दर्शकों को प्रेरित करेगी कि वे आधुनिक सपनों और पारंपरिक संस्कारों के बीच एक सही सामंजस्य कैसे बिठाएं। कार्यक्रम के प्रारंभ में कलाकारों का स्वागत प्रवीण खारीवाल, रचना जौहरी, बंसीलाल लालवानी, प्रभात पंचोली, नितेश उपाध्याय, विजय गुंजाल, पुष्कर सोनी, सुनील जैन, संजय मेहता एवं अभिषेक सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम का संचालन यशवर्धन सिंह ने किया एवं अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।