मुंबई (ईएमएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के भीतर अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विवाद उस समय बढ़ गया जब चुनाव आयोग को भेजी गई पार्टी पदाधिकारियों की सूची में महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल का नाम शामिल नहीं था। वहीं पार्थ पवार और जय पवार को सूची में प्रमुखता मिलने से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी की खबरें सामने आने लगी हैं। हालांकि सुनेत्रा पवार ने बाद में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसे “प्रिंटिंग मिस्टेक” बताया, लेकिन तब तक सियासी अटकलों का बाजार गर्म हो चुका था। इसी बीच सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से मुलाकात ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी। तटकरे ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके अलग मायने निकाले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता संगठन में नई पीढ़ी को तेजी से आगे बढ़ाने और पुराने नेताओं को नजरअंदाज किए जाने से नाराज हैं। पार्थ पवार और जय पवार को बढ़ती अहमियत भी पार्टी के भीतर असंतोष का कारण बन रही है। अब बुधवार को मुंबई के वाई. बी. चव्हाण सेंटर में होने वाली शरद पवार गुट की बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। राजनीतिक जानकार इसे एनसीपी की भविष्य की दिशा तय करने वाली अहम बैठक मान रहे हैं। सुबोध/१९ -०५-२०२६