कोलकाता (ईएमएस)। भारत-बांग्लादेश सीमा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए बीएसएफ को 600 एकड़ से ज्यादा जमीन देने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में राज्य सरकार और बीएसएफ के बीच समझौता हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, बंगाल के 9 सीमावर्ती जिलों में फैली करीब 2200 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। फिलहाल लगभग 1600 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग हो चुकी है, लेकिन कई हिस्सों में काम अब भी अधूरा है। सरकार ने उत्तरी बंगाल के रणनीतिक रूप से बेहद अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ इलाके के आसपास 120 एकड़ जमीन सुरक्षा उपयोग के लिए मंजूर कर दी है। इस इलाके को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी है। सात नेशनल हाईवे सेक्शन को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और एनएचआईडीसीएल को सौंपने की मंजूरी दी गई है, ताकि लंबे समय से अटकी सड़क परियोजनाओं पर काम शुरू हो सके। सरकार का दावा है कि इससे सीमा सुरक्षा के साथ-साथ मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया और उत्तर 24 परगना जैसे जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। वहीं सिक्किम, भूटान और बांग्लादेश से जुड़े रणनीतिक रूट भी मजबूत होंगे। बीजेपी पहले से ही अवैध घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाती रही है। ऐसे में शुभेंदु सरकार के इस फैसले को सुरक्षा और राजनीतिक, दोनों नजरिए से अहम माना जा रहा है। सुबोध/१९ -०५-२०२६