राष्ट्रीय
19-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन नेताओं ने कथित रूप से न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा का नाम एक घोटाले से जोड़कर उन्हें विवाद में घसीटने का प्रयास किया। याचिका में यह भी मांग की गई है कि भारतीय चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी का पंजीकरण रद्द करे। मामले में दिल्ली हाई कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। इस याचिका ने राजधानी की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा ने हाल ही में दिल्ली आबकारी नीति मामले से खुद को अलग कर लिया था। इससे पहले उन्होंने अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया था। आदेश के बाद उन्होंने कहा था कि शराब नीति से जुड़े मामलों की सुनवाई अब दूसरी बेंच करेगी। गौरतलब है कि निचली अदालत ने 27 फरवरी को दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच की कसौटी पर खरा नहीं उतरता और आरोप पूरी तरह निराधार साबित हुए हैं। अब इस नई जनहित याचिका के बाद एक बार फिर आम आदमी पार्टी और उसके शीर्ष नेताओं की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सुबोध/१९ -०५-२०२६