राष्ट्रीय
19-May-2026


कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने नया नोटिफिकेशन जारी करते हुए ओबीसी आरक्षण को 7% तक सीमित कर दिया है। इसके तहत अब राज्य में केवल 66 जातियों को ही ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार का यह फैसला कलकत्ता हाई कोर्ट के 22 मई 2024 के आदेश के बाद लिया गया है। हाई कोर्ट ने तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार द्वारा 2010 के बाद ओबीसी सूची में शामिल की गई 77 नई जातियों को रद्द कर दिया था। अदालत ने कहा था कि इन जातियों को शामिल करने का आधार धर्म प्रतीत होता है। विवाद इसलिए भी बढ़ा था क्योंकि शामिल की गई 77 जातियों में से 75 मुस्लिम समुदाय से जुड़ी थीं। ममता सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अब शुभेंदु अधिकारी सरकार ने वह याचिका वापस ले ली है। इसके बाद नया नोटिफिकेशन जारी किया गया। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2010 तक पश्चिम बंगाल में ओबीसी सूची में 66 जातियां शामिल थीं। बाद में ममता सरकार ने नई जातियों को जोड़ते हुए ओबीसी आरक्षण को ए और बी श्रेणी में बांटा था। ए वर्ग के लिए 10 प्रतिशत और बी वर्ग के लिए 7 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया था। अब नए आदेश के तहत राज्य में सरकारी नौकरियों और पदों पर सिर्फ उन्हीं 66 जातियों को 7 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। इस फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। सुबोध/१९ -०५-२०२६