क्षेत्रीय
20-May-2026
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- सब्जी में मिली दवा की गोली, बिना जांच परोसा खाना - आक्रोशित ग्रामीणों ने उठाए कार्यशैली पर सवाल नालंदा (ईएमएस)। बिहार के नालंदा जिले से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) में बड़ी लापरवाही का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कला कैला में बुधवार को मिड-डे मील का खाना खाने से 36 से अधिक बच्चे अचानक बीमार हो गए। भोजन करने के कुछ ही देर बाद स्कूली बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी, जबकि कई बच्चे मौके पर ही बेहोश हो गए। इस घटना से स्कूल परिसर और गांव में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में बीमार बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा में भर्ती कराया गया, जहाँ से गंभीर रूप से बीमार कुछ बच्चों को बेहतर इलाज के लिए चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया है। स्कूल की पांचवीं कक्षा की छात्रा अमृता कुमारी ने बताया कि दोपहर के भोजन में बच्चों को चावल और चने (बूट) की सब्जी परोसी गई थी। जब वह खाना खा रही थी, तो उसे सब्जी के अंदर दवा की एक संदिग्ध गोली मिली। छात्राओं का यह भी आरोप है कि रोज के नियम के विपरीत बुधवार को बच्चों को परोसने से पहले किसी भी शिक्षक ने भोजन को चखकर उसकी जांच नहीं की थी। हालांकि, बाद में अमरेश सर नाम के एक शिक्षक ने वही खाना खाया, तो उनकी तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें भी चक्कर आने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद से स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति करने वाली एकता फाउंडेशन नामक संस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि संस्था की घोर लापरवाही और भोजन की गुणवत्ता की जांच किए बिना इसे बच्चों को परोसे जाने के कारण मासूमों की जान दांव पर लग गई है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्कूल की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने घटना की पूरी जानकारी और लिखित रिपोर्ट शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों तथा स्थानीय पुलिस को दे दी है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। - ईएमएस 20 मई 2026