- भोपाल में अब पेट्रोल 114.65 और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने सोमवार को फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए। पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल 115 रुपये के करीब पहुंच गया, जबकि डीजल 100 रुपये के पार निकल गया है। भोपाल में अब पेट्रोल 114.65 रुपये और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे महंगा हो गया है, जहां पेट्रोल 115.03 रुपए और डीजल 100.11 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए हो गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई महीने में यह चौथी बार है जब तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं। 15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी के बाद अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 8 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। प्रदेश में सबसे महंगा पेट्रोल एक ओर पेट्रोलियम कंपनियां दाम बढ़ा रही है, वहीं राज्य सरकार अपने हिस्से का टैक्स कम नहीं कर रही है, जिस कारण दूसरे राज्यों की अपेक्षा मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के सबसे ज्यादा भाव है। अकेले पेट्रोल पर ही 29 प्रतिशत वेट टैक्स है तो सरकार इसके अतिरिक्त ढाई रुपए प्रति लीटर सरकार अलग से लेती है और फिर पूरे दाम पर 1 प्रतिशत सेस लगता है, वहीं डीजल पर 19 प्रतिशत वेट टैक्स लेती है, जो दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक है। आशंका है कि अब घरेलू एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी की जा सकती है, वहीं सीएनजी पर अभी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। सीएनजी अभी भी 95 रुपए प्रतिकिलो के भाव से मिल रही है, इसके दाम भी बढऩे की संभावना है। बढ़ेगा मालभाड़ा, महंगी होंगी रोजमर्रा की चीजें डीजल महंगा होने का सीधा असर परिवहन पर पड़ेगा। ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढऩे से सब्जियां, फल, राशन और दूसरे जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। स्कूल बस, ऑटो और सार्वजनिक परिवहन का किराया भी बढऩे के संकेत हैं। खेती-किसानी पर भी असर पड़ेगा। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च बढऩे से किसानों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर अनाज और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतें बनी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया जा रहा है। ईरान-अमेरिका तनाव के बाद क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढक़र 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था। कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार महंगाई रोकने के बजाय पूरा बोझ जनता पर डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कच्चे तेल के दाम कम थे तब जनता को राहत नहीं दी गई और अब लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। इस महीने कब-कब बढ़े रेट 15 मई - करीब 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी 19 मई - लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी 23 मई - 87 से 91 पैसे तक इजाफा 25 मई - फिर करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी - 25 मई 26