बीजिंग,(ईएमएस)। चीन सालों से भारत में घुसने के प्रयास कर रहा है। हिन्द महासागर में चीन की गतिविधियों ने भारत को भी काउंटरमेजर्स अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है। भारत ने कई मोर्चों पर एक साथ चीन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इनमें सामरिक और आर्थिक घेरेबंदी अहम है। भारत के बढ़ते रसूख को बाधित करने के लिए चीन ने स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स की रणनीति को अपनाया। अब भारत भी चीन को उसी अंदाज में जवाब दे रहा है। नई दिल्ली ने नेकलस ऑफ डायमंड्स स्ट्रैटजी के तहत बीजिंग को अपनी हद में रहने पर मजबूर कर रहा है। इस रणनीति के तहत भारत ने चीन के पड़ोस में अपनी जड़ों को गहराई देने में जुटा हुआ है। फिलीपींस के बाद अब वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस करने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि भारत और वियतनाम के बीच जल्द ही इसको लेकर करार हो जाएगा। वहीं, चीन के लिए यह खतरे की घंटी है। वियतनाम साउथ चाइना सी के मुहाने पर स्थित है। मलक्का स्ट्रेट से चीन को जाने वाले जहाज इसके तटवर्ती इलाकों से होकर ही गुजरते हैं। ऐसे में यदि चीन की तरफ से किसी भी तरह की हरकत की गई तो वियतनाम को ड्रैगन के चिकन नेक का टेटुआ दबाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। सिराज/ईएमएस 25मई26