क्षेत्रीय
26-May-2026
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- विनम्रता का संदेश, हनुमान जी कृपा से जीवन के संकट होते हैं दूर रायसेन (ईएमएस)। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर शहर के प्राचीन हरिहर आश्रम सिद्ध हनुमान मंदिर श्रीरामपुर नवाबपुर कलेक्ट्रेट कॉलोनी में आयोजित इक्कीस कुंडात्मक रुद्र महायज्ञ, श्री हनुमंत कथा और दिव्य दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यज्ञकथा संत भोले स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, प्रेरणास्त्रोत पंडित रामगोपाल पाराशर महाराज हैं।इस धार्मिक आयोजन के कथा पंडाल में भक्तों ने भक्ति रस में डूबकर भगवान श्री हनुमानजी महाराज की महिमा का श्रवण किया। कथा स्थल जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। महायज्ञ का आयोजन बाइस मई से अट्ठाइस मई तक किया जा रहा है। यज्ञाचार्य पंडित श्रीराम जी कृष्ण महाराज के सानिध्य में प्रतिदिन सुबह आठ बजे से दोपहर बारह बजे तक तथा दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। वहीं दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक श्री हनुमंत कथा का वाचन पंडित ब्रज बिहारी सरकार के श्रीमुख से किया जा रहा है। कथा के दौरान पंडित ब्रज बिहारी सरकार ने कहा कि श्री हनुमानजी महाराज ने अपने जीवन से समर्पण, सेवा, विनम्रता और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति हनुमानजी की अटूट भक्ति निष्ठा और सेवा भावना हर व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। मनुष्य यदि अपने जीवन में अहंकार त्यागकर सच्ची श्रद्धा और भक्ति का मार्ग अपनाए तो उसके जीवन के सभी संकट स्वतः दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस संसार में कोई भी किसी का वास्तविक मालिक नहीं है। सभी जीव परमात्मा की संतान हैं और ईश्वर की कृपा के बिना कोई भी कार्य संभव नहीं है। श्री हनुमंत लला की कृपा से दुख, भय, रोग और संकट दूर होते हैं। व्यक्ति को अपने जीवन में सदैव धर्म, सत्य और सेवा का मार्ग अपनाना चाहिए। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर भजन-कीर्तन का आनंद लिया। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भक्त पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन में शामिल हो रहे हैं। आयोजन स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा और धार्मिक ध्वजों से सजाया गया है। शाम के समय आरती के दौरान भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ है। प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की जा रही है। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा और महायज्ञ में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। - (ईएमएस) रायसेन 26/05/2026