क्षेत्रीय
04-Jun-2026
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रायपुर(ईएमएस)। बिलासपुर में NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर हुए NSUI के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई अब राजनीतिक विवाद का विषय बन गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। गौरतलब है कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में NSUI कार्यकर्ता सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने निकले थे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सांसद निवास से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का उपयोग कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बाद जब प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई कार्यकर्ता घायल हुए, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है। हंगामे के बीच भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फटने की घटना भी चर्चा का विषय बनी रही। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया। घायल कार्यकर्ताओं का उपचार अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छात्र संगठन शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को उठा रहा था, लेकिन प्रशासन ने बल प्रयोग कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार है और ऐसे आंदोलनों पर बल प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करने के बजाय आंदोलनकारियों पर कार्रवाई की गई। बैज ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियों की निष्पक्ष पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर अनावश्यक बल प्रयोग हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने निर्धारित मार्ग से हटकर आगे बढ़ने और यातायात व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया था, जिसके कारण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पड़े। बिलासपुर की इस घटना के बाद NEET पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)04 जून 2026