क्षेत्रीय
04-Jun-2026
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- मुख्य आरोपी गिरफ्तार, इलाके में पुलिस बल तैनात - आरोपियों की तलाश में सघन छापेमारी, इलाके में तनाव रांची (ईएमएस)। रांची के रातू थाना क्षेत्र स्थित लहना गांव में एक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (कथित मॉब लिंचिंग) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में सघन छापेमारी की जा रही है। मृतक की पहचान लहना गांव निवासी उदित मिर्धा के 25 वर्षीय पुत्र रोहित मिर्धा के रूप में हुई है, जो भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश राम का भांजा था। इस हिंसक घटना को लेकर मृतक के पिता उदित मिर्धा ने रातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें गांव के ही इंद्रजीत साहू, संतोष साहू, विकास साहू समेत 10 से 15 अज्ञात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। दर्ज शिकायत के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब तीन बजे गांव के ही मनोज उरांव ने फोन पर सूचना दी कि कुछ लोग रोहित मिर्धा के साथ बुरी तरह मारपीट कर रहे हैं। जानकारी मिलते ही उदित मिर्धा अपनी पत्नी के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उनका बेटा गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान अवस्था में पड़ा था। आरोप है कि जब माता-पिता ने बीच-बचाव कर बेटे को बचाने की कोशिश की, तो उग्र भीड़ ने उनके साथ भी हाथापाई और मारपीट की। परिजन किसी तरह रोहित को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर रातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भी उसकी हालत बिगड़ती चली गई और रात करीब आठ बजे इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दूसरी तरफ, मामले में दूसरा पहलू भी सामने आया है। आरोपी इंद्रजीत साहू की पत्नी शारदा देवी ने भी रातू थाने में एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि जब वह खेत में करेले की फसल देखने गई थीं, तब रोहित मिर्धा ने उनके साथ कथित रूप से छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किया था। महिला के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण वहां जमा हो गए और उन्होंने रोहित की पिटाई कर दी। हालांकि, मृतक के पिता उदित मिर्धा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके बेटे को झूठे केस में फंसाकर निशाना बनाया गया है। पिता के मुताबिक, गांव में जमीन विवाद को लेकर पहले से ही रंजिश चल रही थी, जिसकी शिकायत पूर्व में भी की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि रोहित उनका इकलौता बेटा था और पिछले कुछ वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल एक्शन में आई और मुख्य आरोपी इंद्रजीत साहू को दबोच लिया। पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन के नेतृत्व में टीम बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश राम सहित कई नेता और कार्यकर्ता रातू थाना पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त व जल्द कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की हर एंगल से गहराई से जांच की जा रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - ईएमएस 04 जून 2026