- एंबुलेंस न मिलने पर 7 किमी कंधे पर ढोए शव - भड़के ग्रामीणों ने किया चक्काजाम कटक (ईएमएस)। ओडिशा के कटक जिले के टिगिरिया क्षेत्र अंतर्गत बिष्णुपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद प्रशासनिक बदहाली और संवेदनहीनता को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि स्थानीय दमकल विभाग और एंबुलेंस कर्मियों ने सूचना के बावजूद मौके पर पहुंचकर शवों को उठाने में कोई सहयोग नहीं किया। इस बात से नाराज ग्रामीणों ने दोनों शवों को अपने कंधों पर उठाया और करीब सात किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर गांव लाए। इसके बाद शवों को सड़क पर रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मृतकों की पहचान बिष्णुपुर गांव के 25 वर्षीय मंधधर पति और 61 वर्षीय नवकिशोर राउत के रूप में हुई है। ये दोनों अक्सर खेतों में काम खत्म करने के बाद वहीं पास में बनी एक अस्थाई झोपड़ी में दोपहर का भोजन और आराम करते थे। रविवार दोपहर करीब 4 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण दोनों अपने घर नहीं लौट पाए और झोपड़ी में ही रुक गए। इसी बीच तेज गर्जना के साथ झोपड़ी पर ही वज्रपात (बिजली गिरना) हो गया। बिजली गिरते ही झोपड़ी में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर दोनों बुरी तरह झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बारिश थमने पर जब ग्रामीणों ने खेत की तरफ से धुआं उठते देखा, तो वे दौड़कर मौके पर पहुंचे, जहां दोनों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और दमकल को फोन किया, लेकिन दोनों टीमों ने मौके पर आकर भी शवों को हाथ लगाने से मना कर दिया। इस घोर लापरवाही से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने खुद ही शवों को ढोया और बाद में सड़क जाम कर दिया। युवा नेता आदित्य प्रताप स्वाईं भी ग्रामीणों के समर्थन में उतरे। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए टिगिरिया थाना प्रभारी रमाकांत नायक और सहायक जिलाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लंबी वार्ता की और प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि और अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 20 हजार रुपये देने का लिखित आश्वासन दिया। साथ ही दोषी स्वास्थ्य और दमकल कर्मियों के खिलाफ सख्त जांच के आदेश दिए, जिसके बाद करीब दो घंटे से जारी यह जाम समाप्त हो सका। - ईएमएस 15 जून 2026