- मोबाइल वितरण कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव के दिए गए टिप्स, लोगों ने सराही पुलिस की पहल बिलासपुर (ईएमएस)। गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद अक्सर लोग छोड़ देते हैं, लेकिन बिलासपुर पुलिस का ‘अर्पण’ अभियान ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने पिछले एक माह के भीतर 101 गुम मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपए आंकी गई है। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 700 से अधिक मोबाइल उनके मालिकों तक पहुंचाए जा चुके हैं। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बरामद मोबाइल उनके स्वामियों को सौंपे गए। इस दौरान करीब 120 नागरिक मौजूद रहे। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इनपुट से मिली सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) और जिले के सभी थानों की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। जिले के विभिन्न थानों में मोबाइल गुम होने संबंधी प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए उनकी सूची तैयार की गई। इसके बाद एसीसीयू की तकनीकी टीम और थानों की सीसीटीएनएस शाखा ने मोबाइलों की लोकेशन, आईएमईआई नंबर और अन्य तकनीकी माध्यमों से लगातार निगरानी की। पुलिस टीम ने बिलासपुर सहित आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में सक्रिय मोबाइलों का पता लगाया। लगातार प्रयासों के बाद 101 मोबाइल बरामद करने में सफलता मिली। सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, कई मोबाइल अन्य राज्यों और दूरस्थ जिलों में उपयोग किए जा रहे थे। ऐसे मामलों में भी तकनीकी सहायता के जरिए मोबाइल ट्रेस किए गए और उन्हें वापस लाने की कार्रवाई की गई। शेष मोबाइलों की बरामदगी के लिए भी अभियान जारी है। मंच से लौटे मोबाइल, चेहरे पर दिखी खुशी मोबाइल वितरण कार्यक्रम में कई ऐसे लोग शामिल हुए जिनका फोन महीनों पहले गुम हो गया था। अधिकांश लोगों ने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस के फोन आने के बाद उन्हें अपनी अमानत वापस मिल सकी। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने कहा कि मोबाइल केवल एक उपकरण नहीं बल्कि उसमें व्यक्तिगत दस्तावेज, फोटो, बैंकिंग जानकारी और महत्वपूर्ण संपर्क नंबर भी सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में मोबाइल की वापसी उनके लिए बड़ी राहत है। साइबर अपराधों से बचने के बताए उपाय मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने साइबर जागरूकता अभियान भी चलाया। लोगों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई और उनसे बचाव के उपाय बताए गए। अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, व्हाट्सएप डीपी बदलकर ठगी, बिटकॉइन एवं फर्जी निवेश योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी, पर्यटन पैकेज के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर कॉल और ऑनलाइन लोन एप से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। लोगों को बताया गया कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या लालच देने वाले ऑफर पर भरोसा न करें तथा साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। हर महीने लौट रहे दर्जनों मोबाइल नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के अनुसार बिलासपुर पुलिस द्वारा प्रत्येक माह दर्जनों मोबाइल विभिन्न जिलों और राज्यों से बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा रहे हैं। ‘अर्पण’ अभियान इसी जनसेवा की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके माध्यम से लोगों की खोई हुई संपत्ति उन्हें वापस दिलाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण और सतत निगरानी की मदद से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। आम नागरिकों की सुरक्षा, विश्वास और सेवा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुम मोबाइलों की रिकॉर्ड बरामदगी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। - 15 जून 2026