क्षेत्रीय
15-Jun-2026
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दतिया ( ईएमएस ) | कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में सामुदायिक वन संसाधन (सीएफआर) दावों की स्वीकृति में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने एसडीओ फॉरेस्ट को कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मंगलवार सुबह 10रू30 बजे डीएफओ के साथ उपस्थित रहने को भी कहा। कलेक्टर श्री वानखड़े ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की समीक्षा करते हुए जिले के राज्य स्तरीय शीर्ष 10 जिलों में शामिल होने पर संतोष व्यक्त किया। वहीं श्रमयोगी मानधन योजना में धीमी प्रगति पर सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिला श्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि संबंधित सीईओ जनपद एवं नगरीय निकाय अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए जाएं। इस संबंध में बुधवार को विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में संबल योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने हेतु विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला श्रम अधिकारी को नगरीय निकायों एवं जनपद स्तर पर लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए, जिससे आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित हो सके। जल जीवन मिशन अंतर्गत पूर्ण हो चुकी 236 नल-जल योजनाओं के हस्तांतरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर योजनाओं का हैंडओवर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पुराने आंकड़े प्रस्तुत किए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए भविष्य में अद्यतन आंकड़ों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। साथ ही वर्षा ऋतु से पूर्व वर्षा जल संचयन कार्यों में जनपद पंचायतों एवं पीएचई विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने तथा हैंडपंप संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को लंबित दावा-आपत्ति प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रगति बढ़ाने तथा इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए। बैठक में जनगणना कार्य के अंतर्गत नजरी नक्शा अपलोडिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा आरसीएमएस प्रकरणों में नामांतरण संबंधी कार्यों में 80 प्रतिशत से अधिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत ग्राम पंचायत सेवढ़ा में समय-सीमा से बाहर हुए प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा ष्नॉट अटेंडेडष् शिकायतों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी नियमानुसार जुर्माना अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एमएलसी लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने तथा एएनसी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी निर्माण पर विशेष जोर दिया, जिससे उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व निराश्रित गोवंशों को गौशालाओं में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री वानखड़े ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में अंतरविभागीय मुद्दों एवं लंबित टीएल पत्रकों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि संभल योजना के प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता से निराकरण करते हुए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंच सके। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया अक्षय कुमार तेम्रवाल, अपर कलेक्टर महेन्द्र सिंह कवचे, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती श्रृति अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।