राज्य
15-Jun-2026
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पटना, (ईएमएस)। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य में शराब तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। मद्य निषेध एवं नारकोटिक्स विभाग के डीआईजी अजय कुमार पांडेय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों ने शराबबंदी की जमीनी स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग के अनुसार, अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद से मई 2026 तक राज्यभर में कुल 3 करोड़ 16 लाख 36 हजार 175 लीटर शराब बरामद की गई है। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 1863 करोड़ 8 लाख 83 हजार 986 रुपये बताई गई है। आंकड़ों के मुताबिक, शराबबंदी कानून के तहत अब तक 5 लाख 88 हजार 586 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 9 लाख 65 हजार 613 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1 लाख 27 हजार 275 वाहनों को भी जब्त किया गया है। - 2022 में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में शराबबंदी कानून के तहत सबसे अधिक 1,71,749 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसी वर्ष 96,157 मामले भी दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके बाद 2023 में 1,43,621 और 2025 में 1,25,575 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मद्य निषेध विभाग का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस, उत्पाद विभाग और विशेष अभियान दल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, लगभग रोजाना विभिन्न जिलों में शराब की खेप पकड़े जाने की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाना अब भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। - शराबबंदी की सफलता पर उठ रहे सवाल 10 वर्षों में 9.65 लाख से अधिक गिरफ्तारियां और करोड़ों लीटर शराब की बरामदगी के बावजूद बिहार में शराबबंदी को पूरी तरह सफल नहीं माना जा रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बरामदगी से कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी कई बार शराबबंदी नीति की समीक्षा की मांग कर चुके हैं। वहीं, विपक्षी दलों के नेता भी समय-समय पर इस कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते रहे हैं। - वर्षवार शराब बरामदगी का आंकड़ा वर्ष बरामद शराब अनुमानित कीमत 2016-17 21.25 लाख लीटर 103.41 करोड़ रुपये 2018 21.93 लाख लीटर 133.51 करोड़ रुपये 2019 32.64 लाख लीटर 203.19 करोड़ रुपये 2020 32.51 लाख लीटर 194.37 करोड़ रुपये 2021 45.37 लाख लीटर 256.72 करोड़ रुपये 2022 33.27 लाख लीटर 166.65 करोड़ रुपये 2023 39.63 लाख लीटर 218.21 करोड़ रुपये 2024 34.61 लाख लीटर 153.12 करोड़ रुपये 2025 37.75 लाख लीटर 293.58 करोड़ रुपये 2026 (मई तक) 17.36 लाख लीटर 140.29 करोड़ रुपये बहरहाल शराबबंदी लागू होने के दस साल बाद भी लगातार हो रही बरामदगी और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि बिहार में अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना अभी भी एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बना हुआ है। संतोष झा- १५ जून/२०२६/ईएमएस