अंतर्राष्ट्रीय
15-Jun-2026


बीजिंग/शंघाई (ईएमएस)। लंबे समय तक खाड़ी देशों के संपन्न परिवार अपने बच्चों की शिक्षा, निवेश और व्यापारिक अवसरों के लिए ब्रिटेन और अमेरिका को प्राथमिकता देते रहे, लेकिन अब यह रुझान तेजी से बदल रहा है। हाल के वर्षों में संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और अन्य खाड़ी देशों के धनी परिवार चीन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके पीछे शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नए कारोबारी अवसर प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में संयुक्त अरब अमीरात का एक संपन्न परिवार सात दिन के शैक्षणिक और व्यावसायिक दौरे पर चीन पहुंचा, जिस पर लगभग तीन लाख युआन खर्च किए गए। इसी तरह अबू धाबी के एक निजी स्कूल के 40 से अधिक छात्रों के समूह ने भी चीन का दौरा किया। छात्रों और अभिभावकों की सबसे अधिक रुचि चीन की रोबोटिक्स तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणालियों और आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे में देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की तकनीकी प्रगति, विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय, कम लागत वाले अध्ययन कार्यक्रम और तेजी से बढ़ते कारोबारी अवसर खाड़ी देशों के परिवारों को आकर्षित कर रहे हैं। कई परिवार अपने बच्चों को केवल डिग्री दिलाने के बजाय उन्हें भविष्य के वैश्विक व्यापार और तकनीकी नेटवर्क से जोड़ना चाहते हैं। चीन और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंध भी इस बदलाव का बड़ा कारण हैं। हाल के वर्षों में दोनों क्षेत्रों के बीच निवेश और व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहा तो आने वाले वर्षों में चीन न केवल वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी केंद्र के रूप में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में भी अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। सुबोध/१५ -०६-२०२६