इवियान (फ्रांस) (ईएमएस)। फ्रांस के इवियान-लेस-बैंस में 2026 का जी7 शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है, जिसमें दुनिया की सात प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा के लिए एकत्र हुए हैं। इस बार सम्मेलन का केंद्र बिंदु अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भागीदारी और उनकी कूटनीतिक गतिविधियां बनी हुई हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मेजबान के रूप में शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं। सम्मेलन 15 से 17 जून तक चलेगा और इसमें वैश्विक व्यापार तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), और यूक्रेन तथा मध्य पूर्व जैसे संघर्षों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप हाल ही में अमेरिका-ईरान संघर्ष पर हुए एक समझौते की घोषणा के बाद इवियान पहुंचे हैं, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और युद्ध विराम की दिशा में कदम उठाए जाने की बात कही गई है। सम्मेलन में यूरोपीय देशों—ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और कनाडा के साथ-साथ जापान के नेता भी शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी बैठक में भाग ले रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस बार जी7 बैठक विशेष रूप से संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर युद्ध, ऊर्जा संकट और चीन की व्यापार नीतियों का दबाव बढ़ा हुआ है। फ्रांस ने इस बार एजेंडे को इस तरह तैयार किया है कि सदस्य देशों के बीच टकराव कम हो और सामूहिक सहमति बनाई जा सके। सम्मेलन के दौरान ट्रंप की उपस्थिति और उनके द्विपक्षीय बैठकों पर भी सभी की नजर है, खासकर यूरोपीय नेताओं के साथ उनके संबंधों को लेकर। इस बीच इवियान में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, क्योंकि संभावित विरोध प्रदर्शनों और साइबर सुरक्षा खतरों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कुल मिलाकर यह जी7 सम्मेलन न सिर्फ वैश्विक आर्थिक दिशा तय करेगा बल्कि आने वाले महीनों की अंतरराष्ट्रीय राजनीति की रूपरेखा भी तय कर सकता है। सुबोध/१५ -०६-२०२६