क्षेत्रीय
19-Jan-2026
...


कोरबा (ईएमएस) कोरबा-पश्चिम में जय सतनाम समिति सतनामी समाज चाकाबुड़ा के तत्वाधान में इस वर्ष भी ग्राम में गुरु घासीदास बाबा की 269वीं जयंती के अवसर पर दो दिवसीय गुरु पर्व का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य घासीदास बाबा के जीवन उनके सामाजिक संदेशों और मानवतावादी विचारों को समाज तक पहुंचाते हुए गांव में भक्ति सद्भभाव और समानता का वातावरण निर्मित करना है। इस गुरु पर्व में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा रवि रजक, अमरदीप अंचल, राज जायसवाल, उमा देवी, कृष्ण कला, बाकी मोंगरा-थाना प्रभारी भुवन पाल सिंह, पवन कमरो, जितेंद्र कुमार जोशी, रूप सिंह बिंध्यराज,नरेंद्र साहू, सुरेंद्र राठौर, पंचम पाटले, कमल साय पाटले, कुंज बिहारी टंडन, संजय शर्मा, रोहित जायसवाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित हुए। कार्यक्रम अंतर्गत 18 जनवरी koदोपहर 12 बजे से बच्चों के द्वारा पंथी नृत्य शाम 7:00 से जैतखाम में विशेष पूजा अर्चना के साथ पालो चढ़ाने का कार्य हुआ। दूसरे दिन 19 जनवरी दोपहर 2:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम रात्रि कालीन सुर वंदना-शशि रंगीला स्टार नाईट लोकप्रिय गायक मनकी-मुंगेली द्वारा प्रस्तुति किया गया। पूजा प्रभारी के रूप में बुधराम पाटले, रामनारायण समिति सदस्य रामप्रसाद अनंत, छतराम, समारू अनंत, रामाअनंत, जय सतनाम समिति के अध्यक्ष रामकुमार, उपाध्यक्ष लकेश्वर, सचिव चंद्रशेखर, मंच संचालक राजेंद्र नंत आदि प्रमुख रूप से सफल बनाने जुटे रहे। अतिथियों द्वारा उद्वबोधन में घासीदास बाबा छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्में महान समाज सुधारक संत और सतनामी पंथ के प्रवर्तक थे। उनके माता-पिता महंगू दास एवं श्रीमती अमरौतीन माता थे। बाबा ने उस समय समाज में व्याप्त छुआ-छूत जाति-पाति और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाते हुए “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश दिया। उन्होंने सत्य, अहिंसा, करुणा और समानता पर आधारित जीवन जीने की शिक्षा दी “जय सतनाम” का उद्घघोष करते हुए उन्होंने मानवता को सर्वोच्च धर्म बताया। बाबाजी का जीवन समाज के शोषित वंचितों और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा उनके आदर्श आज भी समाज को नैतिकता एकता और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। 19 जनवरी / मित्तल