ठाणे, (ईएमएस)। ठाणे में एक लोक अदालत ने मोटर दुर्घटना के एक दावे का निपटारा करते हुए, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में मारे गए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के परिवार को 2.1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने का फैसला सुनाया। एक अदालत अधिकारी ने बताया कि लोक अदालत ने दुर्घटना के एक अन्य दावे का भी निपटारा किया और 2024 में सड़क दुर्घटना में मारे गए एक सहायक सुरक्षा प्रबंधक के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने का आदेश दिया। ये उन 83,424 मामलों में शामिल थे जिनका निपटारा किया गया। इन सभी मामलों में कुल मिलाकर 187 करोड़ रुपये के समझौते कराए गए। एक निजी ऑटोमेशन कंपनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर ओमकार जोशी अपने एक सहकर्मी के साथ यात्रा कर रहे थे, तभी एक तेज़ रफ़्तार कार ने उनके वाहन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले का निपटारा मध्यस्थता के ज़रिए किया गया, जिसमें बीमा कंपनी ने पीड़ित के कानूनी वारिसों को मुआवज़ा देने पर सहमति जताई। दूसरे मामले में, सहायक सुरक्षा प्रबंधक आनंद राजन नाडर ठाणे शहर स्थित अपने घर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर भिवंडी इलाके के पाडघा स्थित अपने कार्यस्थल जा रहे थे। तभी एक पेट्रोल पंप से बाहर निकल रहे एक तेज़ रफ़्तार टेम्पो ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। नाडर को तुरंत भिवंडी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूरे ज़िले में लगभग 101 पीठों (बेंचों) का गठन किया गया था, जिन्होंने 5 लाख से अधिक मामलों की सुनवाई की। इनमें से 54,591 मुकदमे-पूर्व मामलों और 28,833 लंबित मामलों का निपटारा किया गया। एक बयान में कहा गया, जिन विवादों का समाधान किया गया, उनमें बिजली के बिल से जुड़े विवादों की संख्या सबसे अधिक थी, जो 2.6 लाख से ज़्यादा थी। वहीं, बैंक वसूली से जुड़े 3,966 मामलों में कुल मिलाकर 62 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते किए गए। अकेले मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से जुड़े मामलों में ही 35 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते हुए। स्वेता/संतोष झा- १६ मार्च/२०२६/ईएमएस