नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र सरकार ने देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर ई-20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। इस फैसले का उद्देश्य पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। ई-20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का मानना है कि इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और किसानों को भी फायदा होगा, क्योंकि एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने और अन्य फसलों से किया जाता है। सरकार पहले ही 10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई-10) का लक्ष्य हासिल कर चुकी है और अब ई-20 को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी पंपों पर ई-20 की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही वाहन निर्माताओं को भी ऐसे इंजन विकसित करने के लिए कहा गया है, जो ई-20 ईंधन के अनुकूल हों। विशेषज्ञों के अनुसार, ई-20 के उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। हालांकि, पुराने वाहनों के लिए इसकी अनुकूलता को लेकर जागरूकता जरूरी है। सरकार उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए अभियान भी चला रही है, ताकि इस नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू किया जा सके। नंदिनी परसाई / 27 मार्च 2026