:: नर्मदा चतुर्थ चरण समेत 1356 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन, सिरपुर तालाब एसटीपी का होगा लोकार्पण :: इन्दौर (ईएमएस)। स्वच्छता के सिरमौर इंदौर के विकास पथ पर आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 29 मार्च को शहर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान में आयोजित भव्य समारोह में संकल्प से समाधान अभियान के तहत न केवल हजारों हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सौंपेंगे, बल्कि इंदौर की भविष्य की जल-सुरक्षा के लिए 1,356 करोड़ रूपये के अमृत 2.0 प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखेंगे। मुख्यमंत्री के इस प्रवास से इंदौर के बुनियादी ढांचे को नई शक्ति मिलेगी और शहर के अंतिम छोर तक सुशासन की गूंज सुनाई देगी। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच से उपजा संकल्प से समाधान अभियान इंदौर में जन-सेवा का एक जीवंत माध्यम सिद्ध हुआ है। 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक संचालित इस अभियान ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त कर दिया। शिविरों के माध्यम से समस्याओं का केवल दस्तावेजी निराकरण ही नहीं हुआ, बल्कि मौके पर ही ठोस कार्यवाही सुनिश्चित कर जनता के विश्वास को शासन के प्रति और अधिक प्रगाढ़ किया गया। आज का यह कार्यक्रम इसी सामूहिक सफलता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का उत्सव है। :: फ़ाइलों से बाहर निकलकर द्वार तक पहुँचा प्रशासन :: इंदौर जिले में इस अभियान के तहत प्राप्त कुल एक लाख 44 हजार 912 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है, जो सुशासन के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विभागीय सक्रियता का आलम यह रहा कि राजस्व विभाग ने 47,887, परिवहन विभाग ने 20,283 और नगरीय प्रशासन विभाग ने 19,173 प्रकरणों को त्वरित हल कर नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की। यह आंकड़े केवल संख्या मात्र नहीं हैं, बल्कि इंदौर के हर उस नागरिक की संतुष्टि का आईना हैं जिसकी समस्या का समाधान शासन ने द्वार पर जाकर किया। :: मानवीय संवेदना का इंदौर मॉडल :: अभियान की सफलता का एक संवेदनशील पहलू स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण रहा है। इंदौर के बॉम्बे अस्पताल, चोईथराम और सुपर स्पेशलिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से आयोजित शिविरों में गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया गया। मुख्यमंत्री की इस पहल ने न केवल बुनियादी समस्याओं को हल किया, बल्कि हजारों परिवारों को चिकित्सा के भारी खर्च से बचाते हुए एक स्वस्थ भविष्य की नींव रखी। मौके पर ही समाधान की इस पारदर्शी कार्यसंस्कृति ने इंदौर को पूरे प्रदेश के लिए नज़ीर बना दिया है। :: वर्ष 2040 की प्यास बुझाने का रोडमैप :: इंदौर की बढ़ती आबादी और नगरीय सीमा में शामिल 29 नए गांवों की प्यास बुझाने के लिए मुख्यमंत्री आज 1,356 करोड़ रूपये की अमृत 2.0 जलापूर्ति योजनाओं का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना वर्ष 2040 की संभावित 58.70 लाख की जनसंख्या हेतु 1,209 एम.एल.डी. पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अंतर्गत वांचू पॉइंट से राऊ सर्कल तक 39 किलोमीटर लंबी विशाल पाइपलाइन और 40 नए ओवरहेड टैंकों का निर्माण होगा। योजना पूर्ण होने पर शहर की वर्तमान जलापूर्ति 580 एम.एल.डी. से बढ़कर 885 एम.एल.डी. हो जाएगी, जिससे लगभग 2.47 लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी। :: सिरपुर तालाब को मिला संजीवनी संयंत्र :: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा 62.72 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 20 एम.एल.डी. क्षमता के अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का लोकार्पण किया जाएगा। यह संयंत्र सिरपुर तालाब के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जो तालाब में मिलने वाले 10 प्रमुख सीवर आउटफॉल को रोककर जल की गुणवत्ता में सुधार लाएगा। खास बात यह है कि इस संयंत्र से उपचारित जल का उपयोग शहर के 25 प्रमुख उद्यानों की सिंचाई और अग्निशमन कार्यों में किया जाएगा, जिससे पेयजल की भारी बचत होगी और इंदौर सतत विकास के वैश्विक मानकों पर खरा उतरेगा। प्रकाश/28 मार्च 2026