:: नेतृत्व के लिए डॉ. जनमेजय सिन्हा ने दिया LOCALE का मंत्र; पूर्व छात्रों को एलुमनाई अचीवर अवार्ड से नवाजा गया :: इंदौर (ईएमएस)। भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर (आईआईएम इंदौर) ने शनिवार को अपना 27वाँ वार्षिक दीक्षांत समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया। इस गरिमामय अवसर पर संस्थान के सात प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों के 798 स्नातकों को प्रबंध जगत की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए उपाधियाँ प्रदान की गईं। समारोह में बीसीजी इंडिया के चेयरमैन डॉ. जनमेजय सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिन्होंने उभरते प्रबंधकों को संवेदनशीलता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के साथ नेतृत्व करने की सीख दी। उन्होंने प्रभावी नेतृत्व के लिए LOCALE का अनूठा मंत्र साझा किया, जिसका अर्थ Listening (सुनना), Observation (अवलोकन), Curiosity (जिज्ञासा), Affirmation (स्वीकृति), Learning (सीखना) और Empathy (सहानुभूति) है। समारोह में व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता को भी विशेष महत्व दिया गया। इस वर्ष नव्या जोशी ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सर्वाधिक सम्मान अपने नाम किए, जिनमें एसबीआई स्कॉलरशिप, वीई कमर्शियल व्हीकल्स गोल्ड मेडल (बेस्ट ऑल-राउंडर), केके अलघ गोल्ड मेडल और बैंक ऑफ बड़ौदा अचीवर्स अवार्ड शामिल हैं। इसी क्रम में मुस्कान अग्रवाल को सर्वश्रेष्ठ महिला ऑल-राउंडर के लिए आईआईएम इंदौर गोल्ड मेडल और कुशल सोमानी को सर्वश्रेष्ठ पुरुष प्रतिभागी (ओवरऑल आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस) के रूप में स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। शैक्षणिक प्रतिबद्धता के लिए सेठिया पियोनी जयेश को स्वर्गीय आद्या प्रभा स्कॉलरशिप और आईआईएम इंदौर स्कॉलरशिप प्रदान की गई, जबकि आदित्य रॉय चौधरी को वीई कमर्शियल व्हीकल्स छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया। आईआईएम इंदौर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एम. एम. मुरुगप्पन ने विद्यार्थियों को निडरता और विवेक जैसे गुणों को आत्मसात करने का आग्रह किया, जबकि संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने उद्देश्य की स्पष्टता और चरित्र की दृढ़ता को सफलता का आधार बताया। शोध के क्षेत्र में आरुषि कश्यप को उनके उत्कृष्ट एमबीए शोध प्रबंध के लिए सम्मानित किया गया, वहीं विशाल सिन्हा को डीपीएम कोर्सवर्क में शीर्ष स्थान प्राप्त करने पर सर्टिफिकेट ऑफ अचीवमेंट दिया गया। संस्थान ने दास निहार रंजन अजय कुमार और प्रिशा गर्ग को उनकी शैक्षणिक दृढ़ता के लिए एनबीएफए मेरिट अवार्ड से भी नवाजा। इस अवसर पर संस्थान ने अपने उन पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया जो वैश्विक पटल पर नेतृत्व कर रहे हैं। यंग एलुमनाई अचीवर अवार्ड इति जैन को प्रदान किया गया, जबकि कुणाल पुरोहित को डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवार्ड से सम्मानित किया गया। ग्लोबल इम्पैक्ट अवार्ड अकिला मूर्ति को, एलुमनाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर गुनाजीत ब्रह्मा को और अनुकरणीय सार्वजनिक सेवा पुरस्कार चेतन राय को दिया गया। साथ ही संस्थान के प्रति विशिष्ट योगदान के लिए राहुल राजदान का सम्मान किया गया। यह दीक्षांत समारोह न केवल नए स्नातकों की सफलता का उत्सव रहा, बल्कि भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को नई राह दिखाने का माध्यम भी बना। प्रकाश/28 मार्च 2026