राज्य
28-Mar-2026
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:: आध्यात्मिक गुरू प्रोफेसर पवन सिन्हा बोले- पाठ्यक्रम में राष्ट्रीयता का हो समावेश, होटल इन्फिनिटी में दो दिवसीय कार्यशाला का आगाज :: इन्दौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी-पीएससी) द्वारा भर्ती परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया को और अधिक सटीक, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ शनिवार को इंदौर में हुआ। आयोग की भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र रचना एवं मूल्यांकन में गुणवत्ता उन्नयन विषय पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र अभ्युदय में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरू प्रोफेसर पवन सिन्हा गुरूजी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए, जबकि अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष प्रो. राजेश लाल मेहरा ने की। मुख्य अतिथि प्रोफेसर पवन सिन्हा ने अपने संबोधन में आयोग के प्रयासों की सराहना करते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने अपेक्षा की कि प्रश्न-पत्रों और पाठ्यक्रमों का विनिर्माण इस प्रकार किया जाए, जिसमें भारत और भारतीय संस्कृति पर केंद्रित सामग्री का पर्याप्त समावेश हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा और परीक्षा का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जिससे अभ्यर्थियों के भीतर राष्ट्रीयता की भावना पल्लवित हो सके। :: सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना आयोग :: आयोग के अध्यक्ष प्रो. राजेश लाल मेहरा ने चयन प्रक्रिया के सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आयोग के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। उन्होंने परीक्षा संचालन के दौरान आने वाले मानवीय पहलुओं और चुनौतियों को साझा किया और इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग देने वाले विशेषज्ञों व अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व, आयोग की सचिव श्रीमती राखी सहाय ने स्वागत वक्तव्य दिया और ओएसडी डॉ. रवीन्द्र पंचभाई ने सेमिनार की संकल्पना प्रस्तुत की। :: तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों का चिंतन और मनन :: उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में शिक्षाविदों ने प्रश्न-पत्र निर्माण की बारीकियों पर चर्चा की। प्रथम सत्र चिंतन में भारतीय ज्ञान परंपरा, जनजातीय संस्कृति और समाजशास्त्र जैसे विषयों पर डॉ. विनोद शर्मा ने मार्गदर्शन दिया। वहीं द्वितीय सत्र मनन में गणित, विज्ञान, विधि और समसामयिक घटनाओं के प्रश्नों की गुणवत्ता पर डॉ. अमीय पहारे ने विशेष व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. राकेश सिंघई और एसजीएसआईटीएस के डायरेक्टर डॉ. नितेष पुरोहित ने भी अपने विचार रखे। :: सांस्कृतिक संध्या में गोंडी पण्डवानी की गूंज :: सेमीनार का पहला दिन न केवल बौद्धिक चर्चाओं बल्कि प्रदेश की समृद्ध विरासत का भी साक्षी बना। डिण्डोरी के गोंडी पण्डवानी दल ने आदिवासी अंचल के संगीत और नृत्य की नयनाभिराम प्रस्तुति दी, जिसने प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यशाला के अंतिम चरण मंथन में प्रतिभागियों ने खुले मंच से अपने विचार साझा किए। इस राष्ट्रीय सेमिनार का समापन रविवार, 29 मार्च को होगा। प्रकाश/28 मार्च 2026