-विजयन को गले लगाने से इनकार करने पर राहुल गांधी की हो रही आलोचना नई दिल्ली,(ईएमएस)। इंडिया ब्लॉक एक तो अंदरूनी मतभेदों से जूझ रहा है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच दरार और बढ़ गई है। दरअसल, विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपने सहयोगियों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्होंने पिछले हफ्ते ही एक कार्यक्रम में केरल के पूर्व सीएम पिनराई विजयन को गले लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। जहां इंडिया ब्लॉक के बाकी दलों के निशाने पर राहुल गांधी आ गए हैं, वहीं बीजेपी ने भी उन्हें घेरा है। इंडिया ब्लॉक की 8 जून की बैठक के एक ऑडियो भाषण में राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना गया कि वह विजयन को गले नहीं लगाएंगे क्योंकि उनके साथ उनकी राजनीतिक लड़ाई चल रही है। उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि हमारी अपनी लड़ाइयां हैं, लेकिन अगर आप मुझसे केरल के पूर्व सीएम को गले लगाने के लिए कह रहे हैं, तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा क्योंकि उनके साथ मेरी राजनीतिक लड़ाई चल रही है। माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने कहा कि हमें किसी से भी गले मिलने की जरूरत नहीं है। कम्युनिस्टों को गले मिलने की जरूरत नहीं होती। हमें स्पष्ट राजनीति चाहिए। राहुल गांधी अपने गले मिलने के शौक अपने पास ही रखें, लेकिन विपक्ष के नेता होने के नाते, पिनरई विजयन जैसे विपक्षी नेताओं का सम्मान करें। केरल में सीपीएम और कांग्रेस एक-दूसरे की कट्टर विरोधी हैं। कांग्रेस ने हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में विजयन को हराया है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर दोनों सहयोगी हैं। केरल में विजयन लगातार दस साल से सत्ता में थे। केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ की सरकार है और वी डी सतीशन मुख्यमंत्री हैं। राहुल गांधी की गले न लगाने वाली इस टिप्पणी से गठबंधन में बड़ा विवाद खड़ा हो गया और विपक्ष की एकता के भविष्य पर सवाल उठने लगे। विजयन ने कहा कि हमारे बीच गले मिलने का कोई रिवाज नहीं है और उनकी बातचीत आमतौर पर औपचारिक अभिवादन या हाथ मिलाने तक ही सीमित रहती है। उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में पीमए मोदी के साथ उनके गले मिलने की तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हुई थीं। विजयन ने पत्रकारों से कहा कि मुझे गले लगाने के काम से कोई दिक्कत नहीं है। मुझे चिंता उस बयान के पीछे छिपे राजनीतिक संदेश को लेकर है। यह राहुल गांधी के नजरिए और इंडिया गठबंधन के बारे में उनकी सोच को दिखाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वामपंथी दलों ने अपने गठबंधन सहयोगी पर दबाव बढ़ा दिया। सीपीआई(एम) के महासचिव और पूर्व सांसद एमए बेबी ने बचाव करते हुए कहा कि किसी ने राहुल गांधी से विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कहा था, लेकिन उन्हें विजयन की गिरफ़्तारी की मांग करना बंद कर देना चाहिए। पार्टी सांसद जॉन ब्रिटास ने जोर देकर कहा कि मामला गले लगाने का नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन की राजनीति की ईमानदारी का है। बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन को एक दिखावटी गठबंधन बताया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि इस इंडिया गठबंधन में सिर्फ फूट है, कोई मिशन नहीं। यह महज कागज पर है, हकीकत में नहीं। फोटो खिंचवाने के लिए मिल सकते हैं, पर दिल नहीं मिल सकते। सिराज/ईएमएस 14जून26