-2027 में सीपीआई महंगाई दर 5.2 से 5.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान नई दिल्ली,(ईएमएस)। जून-अगस्त में अल नीनो की संभावना 80 फीसदी है और कम से कम नवंबर तक इसके बने रहने की संभावना 90 फीसदी या उससे ज्यादा है। हालांकि देश में जलाशयों का जलस्तर सामान्य भंडारण से ज्यादा है और सब्जियों की आवक के आंकड़े भी संतोषजनक हैं। एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दिनों में ही पता चलेगा कि क्या सप्लाई की स्थिति ऐसी है जो खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाले बदलावों से महंगाई पर पड़ने वाले असर को संभाल पाएगी या नहीं। अर्थशास्त्री के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 में सीपीआई महंगाई दर 5.2 फीसदी से 5.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। यह अनुमान अल नीनो के कुछ असर और कच्चे तेल की औसत कीमत 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना पर आधारित है। मई 2026 में हेडलाइन सीपीआई महंगाई दर 3.9 फीसदी रही, जो बीओबी रिसर्च के 4.1 फीसदी के अनुमान से कम थी। अप्रैल के 3.5 फीसदी से ज्यादा थी। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में तेजी थी। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर बढ़ी, जबकि रेस्टोरेंट और रहने-ठहरने की सेवाओं की महंगाई दर में भी बढ़ोतरी हुई। कोर महंगाई दर बढ़कर 3.9 फीसदी हो गई, जो कीमतों में अंदरूनी दबाव के संकेत हैं। बीओबी रिसर्च को ईंधन की ज्यादा कीमतों और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं, खासकर अल नीनो की वजह से खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना से महंगाई का जोखिम दिख रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खाने-पीने की चीजों की महंगाई के मामले में, ईंधन की ज्यादा कीमतों का असर और माल ढुलाई की लागत में संभावित बढ़ोतरी से निकट भविष्य में महंगाई और बढ़ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर महंगाई दर में बढ़ोतरी का जोखिम और बढ़ेगा क्योंकि मांग स्थिर रहने के बीच कंपनियां इनपुट लागत में हुई बढ़ोतरी का कुछ बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की महंगाई से जुड़े जोखिम बढ़ने की संभावना है। सिराज/ईएमएस 14जून26